10 मिनट में डिलीवरी करने वाली Zepto ला रही है ₹8,010 करोड़ का IPO, क्या बनेगी अगली Zomato?

कुछ साल पहले तक अगर किसी को अचानक दूध, ब्रेड या कोल्ड ड्रिंक चाहिए होती थी तो उसे दुकान तक जाना पड़ता था। लेकिन आज मोबाइल पर कुछ क्लिक करते ही सामान 10 मिनट में घर पहुंच जाता है भारत में इस बदलाव की सबसे बड़ी पहचान बनी है Zepto.

अब यही Zepto शेयर बाजार में एंट्री की तैयारी कर रही है। कंपनी ने SEBI के पास अपडेटेड DRHP दाखिल कर दिया है और IPO के जरिए ₹8,010 करोड़ जुटाने की योजना बनाई है। कंपनी जुलाई में शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है।

सवाल यह है कि आखिर 5 साल पुरानी कंपनी इतनी बड़ी कैसे बन गई? और क्या यह शेयर बाजार में Zomato जैसी सफलता दोहरा पाएगी?

कैसे हुई zepto की शुरुआत ?

Zepto की शुरुआत 2021 में Aadit Palicha और Kaivalya Vohra ने की थी, दोनों स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे थे। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने महसूस किया कि लोग ऑनलाइन सामान मंगाना तो चाहते हैं, लेकिन उन्हें घंटों या दिनों तक इंतजार करना पड़ता है यहीं से पैदा हुआ 10 मिनट में सामान डिलीवरी का आइडिया और आज Zepto भारत की सबसे बड़ी Quick Commerce कंपनियों में गिनी जाती है।

आखिर Quick Commerce है क्या ?

Quick Commerce का मतलब है बेहद तेज डिलीवरी, अगर आपने कभी Zepto, Blinkit या Instamart से सामान मंगाया है तो आपने देखा होगा कि ऑर्डर कुछ ही मिनटों में घर पहुंच जाता है इसके लिए कंपनियां शहरों में छोटे-छोटे गोदाम बनाती हैं जिन्हें Dark Store कहा जाता है , ग्राहक ऑर्डर करता है और सबसे नजदीकी डार्क स्टोर से सामान भेज दिया जाता है यही मॉडल Zepto की सबसे बड़ी ताकत बना।

IPO में क्या होने वाला है?

Zepto के IPO में कंपनी ₹8,010 करोड़ के नए शेयर जारी करेगी, इसके अलावा कुछ पुराने निवेशक अपने शेयर भी बेचेंगे। खास बात यह है कि कंपनी के दोनों संस्थापक अपने शेयर नहीं बेच रहे हैं। इसे बाजार में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है क्योंकि इसका मतलब है कि संस्थापकों को अभी भी कंपनी के भविष्य पर भरोसा है।

Zepto को इतने पैसों की जरूरत क्यों है?

किसी भी स्टार्टअप के लिए तेजी से विस्तार करना आसान नहीं होता है Zepto IPO से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल ।

  • नए Dark Stores खोलने में
  • नई टेक्नोलॉजी और AI सिस्टम विकसित करने में
  • सप्लाई चेन मजबूत करने में
  • नए शहरों में विस्तार करने में
  • संभावित अधिग्रहण (Acquisition) में

कंपनी का लक्ष्य Quick Commerce बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करना है।

Zepto की कमाई कितनी है

यहां Zepto के आंकड़े काफी दिलचस्प हैं कंपनी का सालाना रेवेन्यू FY26 में बढ़कर ₹22,624 करोड़ पहुंच गया है यानी कंपनी की बिक्री में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। सिर्फ मार्च तिमाही में ही Zepto का रेवेन्यू ₹7,498 करोड़ रहा, इससे साफ है कि भारत में Quick Commerce की मांग तेजी से बढ़ रही है।

लेकिन एक बड़ी समस्या भी है

रेवेन्यू बढ़ रहा है, लेकिन मुनाफा अभी भी दूर है FY26 में कंपनी का घाटा लगभग ₹5,905 करोड़ तक पहुंच गया। इसकी सबसे बड़ी वजह है

  • भारी डिस्काउंट
  • नए गोदाम खोलना
  • डिलीवरी नेटवर्क पर खर्च
  • मार्केटिंग और विज्ञापन

यही वजह है कि कई निवेशक Quick Commerce मॉडल की टिकाऊपन पर सवाल भी उठा रहे हैं।

Zepto के सामने कौन-कौन हैं? Zepto अकेली कंपनी नहीं है।

इसके सामने हैं:

  • Blinkit
  • Swiggy Instamart
  • BigBasket
  • Flipkart Minutes
  • Amazon

इन सभी कंपनियों के पास बड़ी पूंजी और मजबूत नेटवर्क है यानी Zepto को आने वाले वर्षों में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।

IPO से पहले ED का नोटिस क्यों आया?

IPO से ठीक पहले Zepto ने अपने दस्तावेजों में खुलासा किया कि अप्रैल 2026 में ED ने कंपनी के संस्थापकों से FEMA से जुड़े कुछ मामलों में जानकारी मांगी थी, कंपनी के अनुसार उसने सभी जरूरी जानकारी उपलब्ध करा दी है और उसके बाद कोई नई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि निवेशकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक माना जा सकता है।

क्या Zepto अगली Zomato बन सकती है?

जब Zomato का IPO आया था, तब भी कई लोग कंपनी के घाटे को लेकर सवाल उठा रहे थे आज Zomato भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम की सबसे सफल लिस्टेड कंपनियों में गिनी जाती है।

Zepto के पास भी कुछ मजबूत पॉइंट्स हैं जैसे –

  •  तेजी से बढ़ती बिक्री
  •  मजबूत ब्रांड
  • युवा नेतृत्व

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

सिर्फ इस वजह से IPO में पैसा नहीं लगाना चाहिए कि कंपनी लोकप्रिय है, निवेश से पहले इन सवालों के जवाब जरूर खोजें जैसे –

  • कंपनी का वैल्यूएशन क्या है?
  • मुनाफे तक पहुंचने का रोडमैप क्या है?
  • Quick Commerce का भविष्य कितना मजबूत है?
  • प्रतिस्पर्धा का असर कितना होगा?

अगर Zepto आने वाले वर्षों में घाटा कम कर पाती है और मुनाफे की राह पकड़ती है, तो यह शेयर बाजार की बड़ी सफलता बन सकती है Zepto का ₹8,010 करोड़ का IPO सिर्फ एक कंपनी की लिस्टिंग नहीं है। यह भारत के Quick Commerce सेक्टर की असली परीक्षा भी है एक तरफ कंपनी की ग्रोथ शानदार है, दूसरी तरफ घाटा भी बड़ा है अब देखना दिलचस्प होगा कि निवेशक Zepto को भारत की अगली Zomato मानते हैं या फिर इसे सिर्फ एक और घाटे में चल रहा स्टार्टअप समझते हैं। आने वाले महीनों में इसका जवाब शेयर बाजार देगा।

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