Lenskart की सफलता की कहानी: जानिए कैसे घाटे में चल रही Lenskart बनी भारत की सबसे बड़ी Eyewear कंपनी। पढ़ें Peyush Bansal की बिजनेस स्ट्रेटेजी, टेक्नोलॉजी और Profit तक पहुंचने की पूरी कहानी।
भारत में पिछले कुछ सालों में कई स्टार्टअप आए और चले गए, लेकिन कुछ कंपनियाँ ऐसी भी रहीं जिन्होंने लोगों की आदतें ही बदल दिया है जी हां मैं बात कर रहा हु Lenskart की ये उन्हीं कंपनियों में से एक है।
आज अगर कोई व्यक्ति नया चश्मा खरीदने का सोचता है, तो सबसे पहले उसके दिमाग में Lenskart का नाम जरूर आता है। लेकिन इस सफलता के पीछे एक लंबा संघर्ष, बड़े जोखिम और लगातार प्रयोग छिपे हुए हैं।
आज कंपनी हजारों करोड़ की वैल्यूएशन पर पहुंच चुकी है, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब Lenskart लगातार नुकसान झेल रही थी और कई लोगों को लगता था कि भारत में ऑनलाइन चश्मा बेचने का मॉडल कभी सफल नहीं होगा।
तो आखिर Lenskart ने ऐसा क्या किया कि घाटे से निकलकर Profit में पहुंच गई? आइए विस्तार से समझते हैं।
जब भारत में ऑनलाइन चश्मा खरीदना अजीब माना जाता था
साल 2010 के आसपास भारत में ऑनलाइन शॉपिंग का बाजार अभी शुरुआती दौर में था। लोग कपड़े और मोबाइल तक ऑनलाइन खरीदने में डरते थे, ऐसे में चश्मा ऑनलाइन खरीदना लोगों को और भी अजीब लगता था।
इसी समय Peyush Bansal ने एक बड़ा मौका देखा।
उन्होंने महसूस किया कि भारत में करोड़ों लोग Eye Care को गंभीरता से नहीं लेते। लोकल दुकानों पर सीमित डिजाइन मिलते थे, कीमतें भी ज्यादा होती थीं और ग्राहक के पास ज्यादा विकल्प नहीं होते थे।
और यहीं से Lenskart की शुरुआत हुई।
शुरुआती दिनों में कंपनी को बहोत सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा? और उनमे से Lenskart के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी लोगों का भरोसा जीतना।
क्योंकि चश्मा एक ऐसा प्रोडक्ट है जिसे लोग पहनकर देखना चाहते हैं। ऑनलाइन फोटो देखकर लोग फैसला नहीं कर पाते थे कि कौन सा फ्रेम उनके चेहरे पर अच्छा लगेगा।
इसके अलावा कंपनी को कई दूसरी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा जैसे –
- Return Rate बहुत ज्यादा था
- Delivery Cost बढ़ रही थी
- Marketing पर भारी खर्च हो रहा था
- हर शहर में अलग सप्लाई चेन बनानी पड़ रही थी
- लगातार नए स्टोर खोलने में पैसा लग रहा था
इसी वजह से कंपनी कई सालों तक घाटे में रही, फिर सबसे बड़ा सवाल आता है
आखिर कैसे बदली Lenskart की किस्मत?
1. कंपनी ने सिर्फ Online नहीं, Hybrid Model चुना
यहीं पर Lenskart ने वो फैसला लिया जिसने पूरी कहानी बदल दी।
कई स्टार्टअप सिर्फ Online Model पर टिके रहे, लेकिन Lenskart ने Online और Offline दोनों को मिलाकर काम किया।
जैसे की –
- मोबाइल पर फ्रेम देख सकता था
- स्टोर में जाकर ट्राई कर सकता था
- घर बैठे ऑर्डर कर सकता था
इस मॉडल ने लोगों का भरोसा जीत लिया।
धीरे-धीरे कंपनी ने पूरे भारत में अपने स्टोर खोलने शुरू कर दिया । छोटे – छोटे शहरों तक पहुंच बनाना Lenskart के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
2. Technology को बनाया सबसे बड़ा हथियार
Lenskart ने खुद को सिर्फ एक रिटेल कंपनी की तरह नहीं देखा , कंपनी ने टेक्नोलॉजी पर काफी बड़ा दांव लगाया।
उन्होंने: AI आधारित Face मैपिंग, Virtual Try-On , 3D Face स्कैन , Smart Recommendation System
जैसी तकनीकों का इस्तेमाल शुरू किया।
अब ग्राहक मोबाइल कैमरे से ही देख सकता था कि कौन सा चश्मा उसके चेहरे पर बेहतर लगेगा। इससे ग्राहक का Confidence बढ़ा और Online Sales तेजी से बढ़ने लगी।
सबसे बड़ी बात यह रही कि इससे Return कम होने लगे, जिससे कंपनी का खर्च घटा।
3. खुद का Manufacturing Network बनाया
शुरुआत में कंपनी काफी हद तक बाहर से प्रोडक्ट मंगाती थी। इससे लागत ज्यादा आती थी और Delivery में समय लगता था।
बाद में Lenskart ने अपना Manufacturing सिस्टम मजबूत किया, इससे कंपनी को कई फायदे मिले:
- लागत कम हुई
- Quality Control बेहतर हुआ
- Delivery तेज हुई
- Profit Margin बढ़ गया
यही वो स्टेप था जिसने कंपनी की कमाई को मजबूत बनाना शुरू किया।
4. सिर्फ सस्ते चश्मों पर नहीं, Premium Market पर भी फोकस
शुरुआत में Lenskart का फोकस Affordable Glasses पर था। लेकिन बाद में कंपनी ने समझा कि Premium Segment में ज्यादा Profit है।
इसके बाद कंपनी ने: Stylish फ्रेम्स , Blue-cut लेंस , Computer ग्लासेज , Premium कलेक्शंस , Smart Glasses
जैसे प्रोडक्ट लॉन्च किए।
आज कई लोग Lenskart को सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि Fashion Brand की तरह भी देखते हैं।
5. Marketing Strategy ने बनाया बड़ा Brand
अगर आपने कभी YouTube, TV या सोशल मीडिया इस्तेमाल किया होगा, तो आपने Lenskart के विज्ञापन जरूर देखे होंगे।
कंपनी ने Aggressive Marketing पर काफी पैसा खर्च किया।
- Celebrities को Brand Ambassador बनाया
- Digital Marketing पर फोकस किया
- Buy 1 Get 1 जैसे ऑफर दिए
- Eye Checkup Camp लगाए
इससे कंपनी तेजी से लोगों के बीच Popular होती चली गई , बड़े निवेशकों का मिला साथ जैसे – SoftBank और Temasek
इस फंडिंग की मदद से लेंसकार्ट ने –
- नए स्टोर खुले
- टेक्नोलॉजी में निवेश बढ़ा
- सप्लाई चेन मजबूत हुई
- कंपनी विदेशों तक पहुंची
क्या Lenskart अब सिर्फ भारत तक सीमित है?
जवाब है – नहीं। आज Lenskart भारत के अलावा कई दूसरे देशों में भी विस्तार कर रही है। कंपनी Middle East और South-East Asia जैसे बाजारों पर भी ध्यान दे रही है।



